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आपने अकà¥à¤¸à¤° देखा होगा कि नवजात शिशॠदिन में कई बार गैस पास करते हैं। अगर बचà¥à¤šà¤¾ दिनà¤à¤° में 15-20 बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस पास करे, तो इसमें हैरानी वाली कोई बात नहीं है। समय पर गैस पास करते रहना बचà¥à¤šà¥‡ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठजरूरी है, लेकिन कई बार यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है, जिससे बचà¥à¤šà¤¾ परेशान हो जाता है। इसके चलते वह काफी रोता है और चिड़चिड़ा à¤à¥€ हो जाता है। अगर आपके शिशॠको à¤à¥€ गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है और इसके चलते वह काफी परेशान रहता है, तो मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ का यह लेख आपके काम आà¤à¤—ा। इस लेख में हम बताà¤à¤‚गे कि किन कारणों से शिशॠको गैस होती है, इसके लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं और गैस का इलाज कैसे करें आदि।
आइà¤, पहले जानते हैं कि किन कारणों से शिशà¥à¤“ं में गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
शिशà¥à¤“ं को गैस और बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग किन कारणों से होती है? | Bacho Me Gas Ki Problem
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीनों में शिशà¥à¤“ं को गैस होना आम बात है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान उनकी आंतों का विकास हो रहा होता है। जब शिशॠका शरीर मां का दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का पाचन करता है, तो उसके पेट में गैस बनने लगती है। वहीं, जब छह महीने के बाद शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ किया जाता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में नठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के चलते उसके पेट में गैस बनने लगती है। इसके अलावा, अनà¥à¤¯ कई कारणों से शिशॠको गैस हो सकती है, जिनके बारे में हम नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं :
जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ फॉरà¥à¤®à¥‚ला पीना : शिशॠकई बार फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ पीने लगते हैं। वो बोतल से तेज-तेज दूध पीते हैं। इससे उनके पेट में हवा à¤à¥€ चली जाती है, जो गैस का कारण बनती है।
निपà¥à¤ªà¤² ठीक से न लेना : जो शिशॠनिपà¥à¤ªà¤² को ठीक से मà¥à¤‚ह में नहीं लेते और निपà¥à¤ªà¤² व मà¥à¤‚ह के बीच गैप रह जाता है, तो बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में हवा जा सकती है, जिस कारण गैस बनती है।
रोने के कारण : कई शिशॠकà¥à¤› à¤à¥€ खाने से पहले बहà¥à¤¤ रोते हैं। बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोने से à¤à¥€ शिशॠके पेट में हवा चली जाती है, जिससे उसे गैस बनने लगती है।
दूध पिलाने के बीच डकार न दिलाना : दूध पिलाते समय बीच में डकार न ले पाने के कारण à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को गैस होने लगती है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध मिलाने पर : जब आप बोतल को हिलाकर दूध को मिलाते हैं, तो इसमें à¤à¤¾à¤— के रूप में हवा इकटà¥à¤ ी हो जाती है। फिर जब यह दूध बचà¥à¤šà¤¾ पीता है, तो उसे गैस बनने लगती है।
मां की डाइट : मां जो खाती है, उसका पोषण बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• के जरिठशिशॠतक पहà¥à¤‚चता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर मां कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ खाती है, जिससे गैस बनती है, तो उससे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ गैस हो सकती है।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में इस समसà¥à¤¯à¤¾ से संबंधित लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बताया गया है।
नवजात शिशॠके पेट में गैस होने के लकà¥à¤·à¤£
बेशक, नवजात शिशॠबोल नहीं पाते, à¤à¤¸à¥‡ में आपको समà¤à¤¨à¤¾ होगा कि उसे किस चीज से तकलीफ हो रही है। नीचे हम कà¥à¤› संकेत बता रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहचानते हà¥à¤ आप समठपाà¤à¤‚गी कि आपके शिशॠको गैस हà¥à¤ˆ है।
घबराहट और चिड़चिड़ापन : गैस होने का यह पहला संकेत हो सकता है। खासतौर पर उसे दूध पिलाने के बाद। गैस होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को घबराहट होने लग सकती है और वो चिड़चिड़ा हो सकता है।
बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग: बचà¥à¤šà¥‡ का फूला हà¥à¤† पेट गैस होने का संकेत हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में उसका पेट कड़ा महसूस होगा।
पैरों को पेट की ओर खींचना : गैस होने पर बचà¥à¤šà¤¾ अपने पैरों को पेट की ओर खींचने की कोशिश करता है।
पेट को रगड़ना : जब बचà¥à¤šà¥‡ को पेट में किसी तरह की परेशानी होती है, तो हो सकता है कि वो अपने पेट पर हाथ लगाकर रगड़े। à¤à¤¸à¤¾ करके वो अपनी असहजता वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ कर सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ के पेट से आवाज आना : जब आसपास बिलà¥à¤•à¥à¤² शांति हो, तो हो सकता है बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में गैस होने पर उसके पेट से किसी तरह की आवाज सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे। à¤à¤¸à¤¾ पेट में गैस घूमने के कारण हो सकता है।
बहà¥à¤¤ जोर से रोना : पेट में गैस बनने से होने वाली तकलीफ के चलते बचà¥à¤šà¤¾ जोर-जोर से रोने लगता है।
डकार लेना : इसके अलावा, अगर बचà¥à¤šà¤¾ बार-बार डकार ले रहा है, तो यह à¤à¥€ गैस होने का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
आइà¤, अब जानते हैं गैस होने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में शिशॠका इलाज कैसे किया जाना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गैस का इलाज कैसे करें? |
नवजात शिशà¥à¤“ं को गैस होने पर सीधा दवा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। अगर बचà¥à¤šà¥‡ को गैस हो रही है, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछकर उसे गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दे सकते हैं (1)। यह बचà¥à¤šà¥‡ को गैस के साथ-साथ अनà¥à¤¯ पेट संबंधी अनà¥à¤¯ परेशानियों से राहत दिलाने में मदद करता है। गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर में सोडियम बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ और जड़ी-बूटियां होती हैं। ये शिशॠके पेट को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पहà¥à¤‚चाती हैं और गैस दूर करने में मदद करती है। जब à¤à¥€ आपको लगे कि बचà¥à¤šà¤¾ गैस के कारण रो रहा है, तो आप उसे गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दे सकते हैं। इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही बचà¥à¤šà¥‡ को दें।
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ : अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ ने ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है, तो उसे गैस होने पर आप पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ दे सकते हैं (2)। कई शोधों में à¤à¥€ यह बात सामने आई है कि कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ शिशॠको गैस से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को आहार में दही जरूर खिलाà¤à¤‚।
लेख में आगे हम कà¥à¤› घरेलू उपचार बता रहे हैं, जो शिशॠकी समसà¥à¤¯à¤¾ को कà¥à¤› कम कर सकते हैं।
शिशà¥à¤“ं में गैस के घरेलू उपचार
नीचे हम शिशà¥à¤“ं को गैस से राहत दिलाने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपाय बता रहे हैं, जो आपके काम आà¤à¤‚गे :
डकार दिलाà¤à¤‚ : बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने के बाद समय पर डकार दिलाने से गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो सकती है। इसके लिठआप दूध पिलाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को हाथों में उठाà¤à¤‚ और उसका सिर अपने कंधे पर रखते हà¥à¤ पीठपर हाथ तब तक फेरें, जब तक बचà¥à¤šà¥‡ को डकार न आà¤à¥¤ इस दौरान अपने कंधे पर à¤à¤• कपड़ा रख लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¤à¥€-कà¤à¥€ डकार लेते समय बचà¥à¤šà¤¾ मà¥à¤‚ह से दूध निकाल देता है (3)।
बचà¥à¤šà¥‡ को पेट के बल लिटाना : बाल रोग विशेषजà¥à¤ž की मानें, तो नियमित रूप से बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ी देर के लिठपेट के बल लिटाने से à¤à¥€ उसे गैस से राहत मिलती है। बचà¥à¤šà¥‡ को गैस होने पर आप उसे à¤à¤•-दो मिनट के लिठपेट के बल लिटा सकती हैं। अगर आपको लगे कि बचà¥à¤šà¤¾ असहज हो रहा है, तो उसे वापस पीठके बल लिटा दें (4)।
पेट की मालिश : शिशॠके पेट पर हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करने से à¤à¥€ गैस दूर होती है। इसके लिठआप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मालिश के सही तरीके के बारे में पूछ सकते हैं।
निपà¥à¤ªà¤² की सही पकड़ : इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ दूध पीते समय निपà¥à¤ªà¤² को मà¥à¤‚ह से ठीक तरह से पकड़ रहा हो। बोतल से दूध पिलाते समय बोतल को सीधा रखें, ताकि हवा उसके अंदर न जाà¤à¤‚।
बोतल का छेद सामानà¥à¤¯ हो : जिस निपà¥à¤ªà¤² से शिशॠदूध पीता हो, उसका छेद न तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा होना चाहिठऔर न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ छोटा। छेद छोटा होने से बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पीने में परेशानी हो सकती है और बड़ा होने से दूध जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤‚ह में जाने लगता है।
हींग का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² : शिशॠको गैस होने पर आप हींग का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। इसके लिठआप थोड़े से हींग को पानी में घोलें और शिशॠकी नाà¤à¤¿ के आसपास लगाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को राहत मिलेगी (5)।
सही फीडिंग अवसà¥à¤¥à¤¾ : धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि दूध पीते समय शिशॠका सिर उसके पेट के मà¥à¤•ाबले थाेड़ा ऊपर की तरफ रहे। इससे शिशॠके पेट में गैस इकटà¥à¤ ा नहीं होगी। साथ ही शिशॠके मà¥à¤‚ह से दूध निकालने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कम हो सकती है।
आइà¤, अब इस समसà¥à¤¯à¤¾ से संबंधित कà¥à¤› दवाओं के बारे में बात कर लेते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ गैस से राहत पाने की कोई दवा है?
अगर घरेलू उपाय अपनाकर à¤à¥€ शिशॠको गैस से राहत नहीं मिलती, तो बेहतर है कि आप उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के कोई à¤à¥€ दवा खà¥à¤¦ से देने की कोशिश न करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके लिठसिमेथीकॉन यà¥à¤•à¥à¤¤ दवा दे सकते हैं (6)। यह दवा गैस के बड़े-बड़े बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‹à¤‚ को छोटा करती है, जिससे शिशॠगैस आसानी से बाहर निकाल सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ शिशà¥à¤“ं में गैस का कारण बनता है?
हां, रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ के कारण à¤à¥€ गैस बनने लगती है (7)। जब शिशॠके शरीर में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ बनता है, तो यह मà¥à¤‚ह तक आने लगता है। इस समय तक शिशॠका लोअर इसोफैगियल सà¥à¤«à¤¿à¤‚कà¥à¤Ÿà¤° (यह आहार नलिका के अंत में मांसपेशियों का à¤à¤• समूह जैसा होता है, जो पेट से जाकर मिलता है) विकसित हो रहा होता है। à¤à¤¸à¥‡ में लोअर इसोफैगियल सà¥à¤«à¤¿à¤‚कà¥à¤Ÿà¤° के खà¥à¤²à¤¨à¥‡ और बंद होने पर गैस पेट में जा सकती है, जिससे शिशॠको बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग और गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° केवल दूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ होती है। जैसै-जैसे वो ठोस आहार लेने लगते हैं, यह समसà¥à¤¯à¤¾ धीरे-धीरे कम होने लगती है।
इस विषय के संबंध में और जानकारी के लिठपढ़ते रहें यह लेख।
मेरे शिशॠको गैस होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब बà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚?
यूं तो गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ जलà¥à¤¦ ही ठीक हो जाती है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाना चाहिठ:
अगर बचà¥à¤šà¤¾ तीन दिन तक रोजाना करीब तीन घंटे तक लगातार रोता रहे (3)।
अगर शिशॠको दसà¥à¤¤ या कबà¥à¤œ हà¥à¤ˆ हो और वो पिछले à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से मल नहीं तà¥à¤¯à¤¾à¤— रहा हो।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ ठीक से न खाठऔर उसकी à¤à¥‚ख कम होने लगी हो।
अगर गैस के कारण शिशॠठीक से सो न पाà¤à¥¤
अगर बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¸à¥à¤¤ दिखाई दे।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार हो जाà¤à¥¤
ये कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ संकेत हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनदेखा नहीं करना चाहिठऔर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से शिशॠका चेकअप कराना चाहिà¤à¥¤
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गैस बन सकती है?
हां, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ठोस आहार से गैस हो सकती है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में बचà¥à¤šà¤¾ केवल मां का दूध पीता है। इसके बाद जब उसे ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ किया जाता है, तो अचानक से पेट में à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जाने से गैस बन सकती है। इसके अलावा, कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¤¸à¥‡ हैं, जो गैस उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करते हैं, जैसे गोà¤à¥€, फूल गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, सेब, अनाज, चीज व योगरà¥à¤Ÿ आदि। à¤à¤¸à¥‡ में आप छह महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के अलावा ये चीजें खिला सकते हैं, लेकिन à¤à¤• साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना न खिलाते हà¥à¤ थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में कई बार खिलाà¤à¤‚। अगर फिर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को इनसे गैस हो रही है, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान मां के आहार से à¤à¥€ शिशॠको गैस हो सकती है?
हां, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली व बीनà¥à¤¸ जैसी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गैस पैदा करती हैं (8), जिससे आपका शिशॠà¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। वहीं, मां के मिरà¥à¤š-मसाले वाली चीजें खाने से à¤à¥€ शिशॠको गैस हो जाती है। जरूरी नहीं कि सà¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤• जैसी चीजों से ही गैस हो। à¤à¤¸à¥‡ में इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है कि आप कà¥à¤¯à¤¾ खा रही हैं और किससे आपको गैस हो रही है।
à¤à¤²à¥‡ ही गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ शिशà¥à¤“ं को काफी परेशान करती है, लेकिन अगर आप ऊपर बताई गई बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देंगे, तो यकीनन बचà¥à¤šà¥‡ को गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिला पाà¤à¤‚गे। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि अगली बार अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को गैस होती है, तो इस लेख में बताठगठनà¥à¤¸à¥à¤–े आपके काम आà¤à¤‚गे। आप इस लेख को अपने परिचितों के साथ जरूर शेयर करें, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ इसका लाठमिल सके। शिशॠसे संबंधित à¤à¤¸à¥€ अनà¥à¤¯ जानकारियों के लिठपढ़ते रहें मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨à¥¤
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